Ankita Bhandari Case: खटीमा में कांग्रेस का हल्ला-बोल, फूंका पुतला

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर भड़के विधायक भुवन कापड़ी, कहा - वीआईपी का नाम कब उजागर करेगी सरकारखटीमा, ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। खटीमा में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
बुधवार को खटीमा के मुख्य चौक पर खटीमा विधायक और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी भी की।
दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर जताया ऐतराज

प्रदर्शन के दौरान विधायक भुवन कापड़ी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। कापड़ी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उस पर आज तक पर्दा पड़ा हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन अनुत्तरित सवालों का जवाब देने के बजाय ऐसे लोगों को संवैधानिक पद देकर सम्मानित करने का काम कर रही है। यह पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है।

अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लेने की निंदा
विधायक कापड़ी ने दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा न्याय की मांग के लिए प्रदर्शन करने पर उन्हें कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने की घटना की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे माता-पिता को ही हिरासत में लिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि आखिर अंकिता भंडारी को न्याय कब मिलेगा और इस हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी का नाम सरकार कब उजागर करेगी।
निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उमेश राठौर उर्फ बॉबी ने कहा कि भाजपा सरकार इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कराने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस की मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे

रिपोर्टर - अशोक सरकार, खटीमा 
संपादक - दिनेश कोली
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